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दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका

6/22/2008

जीवन जिन्दा दिल होकर जियो-हिन्दी शायरी

दिल का कोई सौदा नहीं होता
जिस पर आता उसी का होता
चलते है जो जीवन मे साथ
निभाते हैं हर समय
चाहे न चलते हों राह पर हाथ में डालकर हाथ

अपने मन की आंखें बंद कर लो
नींद स्वयं ही आ जाती है
जो संभाला कोई ख्याल तो
फिर गायब हो जाती है
सोने से मिला सुख नहीं मिलता
जिसके लिये बनी है रात
गीत-संगीत के तोहफों से
बिखरी पड़ी है दुनियां
अपने कानों से मीठी आवाज सुनने के लिये
क्या किसी से शब्द और आवाज मांगना
इस जीवन में किससे आशा
और किससे निराशा
जिनसे उम्मीद करोगे
बनायेंगे तमाशा
जीवन को जिंदा दिलों की तरह जियो
जब तक न छोड़े अपना साथ
.........................................
दीपक भारतदीप

1 टिप्पणी:

advocate rashmi saurana ने कहा…

जीवन को जिंदा दिलों की तरह जियो
जब तक न छोड़े अपना साथ
bhut khub.likhate rhe.

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