समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका

7/17/2007

सवाल आपके, जवाब दीपक बापू के

(यह एक काल्पनिक व्यंग्य रचना है किसी घटना या व्यक्ति से इसका कोई संबंध नहीं है)

प्रश्न- बापू, यह वियुज क्या होता है?

उत्तर -यह अंग्रेजी का शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है दृष्टि। वैसे इसको व्यूज कर लिखा जाता है पर अगर हिंदी के लेखक हो तो इस बात की फिक्र मत करो कि किस अंग्रेजी शब्द की टांग टूट रही है बस हिंदी शब्द की टांग नहीं तोड़ना , अलबत्ता अगर यूनीकोड में लिख रहे हो तो गलती चल सकती है, पर उसमें इतना ध्यान रखना कि कुछ शब्द बहुत अनर्थ कर देते हैं। जैसे किसी पुरुष के लिए लिखना है कि वह किस्मत वाला और और उसके लिख गये किस्मत वाली तो बुरा लगेगा। इतना जरूर ख़्याल रखा करें।
प्रश्न -बापू, अच्छी कमेन्ट लिखे कि अच्छा कमेन्ट?

उत्तर- यह तो किसी अंग्रेजी वाले से कभी हमने पूछा नहीं और हमारे हिंदी वाले गुरुजी ने कभी बताया नहीं! वैसे कोई अंग्रेजी वाला ही बता सकता है कि यह स्त्रीलिंग है या पुर्लिंग क्योंकि हमने कमेन्ट के साथ उन्हें इट का ही प्रयोग करते देखा है ही या शी नहीं। हिंदी में इसका आशय प्रतिक्रिया से है सो हम अच्छा कमेन्ट भी लिख सकते हैं पर हम जब लिखते हैं कि कमेन्ट तो भाव हमारा हिंदी जैसा ही हो जाता है और लिखते हैं अच्छी कमेन्ट। चल जाएगा!
प्रश्न-यह हिट और फ्लॉप क्या अन्तर होता है?

उत्तर -हिट से लोगों को कभी हेट* भी हो जाती है पर फ्लॉप से हमेशा सिम्पथी रहती है।
हेट*-चिढ
सिम्पथी*-सहानुभूति
शेष प्रश्नों का उत्तर अगले अंक में ।

1 टिप्पणी:

परमजीत बाली ने कहा…

दीपक जी,आप की पोस्ट पढ़ कर एक प्रश्न मेरा भी..चिटठाकार का धर्म क्या है?

लोकप्रिय पत्रिकायें

हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर